सीधे कंटेंट पर जाएँ
मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1029

नंबर 1029किताब 23, नंबर 2
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، كَانَ يَتَّقِي مِنَ الضَّحَايَا وَالْبُدْنِ الَّتِي لَمْ تُسِنَّ وَالَّتِي نَقَصَ مِنْ خَلْقِهَا ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَهَذَا أَحَبُّ مَا سَمِعْتُ إِلَىَّ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Nafi that Abdullah ibn Umar would guard against animals and camels which were young or had physical defects as sacrifices. Malik said, "That is what I like best of what I have heard
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · Sacrificial Animals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।