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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 1003

नंबर 1003किताब 21, नंबर 45
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، أَنَّهُ سَمِعَ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ، يَقُولُ لَيْسَ بِرِهَانِ الْخَيْلِ بَأْسٌ إِذَا دَخَلَ فِيهَا مُحَلِّلٌ فَإِنْ سَبَقَ أَخَذَ السَّبَقَ وَإِنْ سُبِقَ لَمْ يَكُنْ عَلَيْهِ شَىْءٌ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that Yahya ibn Said heard Said ibn al-Musayyab say, "There is no harm in placing stakes on horses if a third horse enters it. The winner takes the stake, and there is no fine against the loser
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।