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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 934

नंबर 934किताब 20, नंबर 7
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، أَنَّ عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ، قَضَى فِي الضَّبُعِ بِكَبْشٍ وَفِي الْغَزَالِ بِعَنْزٍ وَفِي الأَرْنَبِ بِعَنَاقٍ وَفِي الْيَرْبُوعِ بِجَفْرَةٍ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Abu'z-Zubayr that Umar ibn al-Khattab gave the judgement of a ram for a hyena, a female goat for a gazelle, a she-goat less than one year old for a rabbit, and a four month old kid for a jerboa
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।