सीधे कंटेंट पर जाएँ
मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 863

नंबर 863किताब 20, नंबर 159
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ الْمَكِّيِّ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّهُ سُئِلَ عَنْ رَجُلٍ، وَقَعَ بِأَهْلِهِ وَهُوَ بِمِنًى قَبْلَ أَنْ يُفِيضَ فَأَمَرَهُ أَنْ يَنْحَرَ بَدَنَةً ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Abu'z-Zubayr al-Makki from Ata ibn Abi Rabah that Abdullah ibn Abbas was asked about a man who had had intercourse with his wife while at Mina before he had done the tawaf al-ifada, and he told him to sacrifice an animal
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।