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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 850

नंबर 850किताब 20, नंबर 146
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ سَأَلَ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ دِينَارٍ مَا كَانَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ يَصْنَعُ بِجِلاَلِ بُدْنِهِ حِينَ كُسِيَتِ الْكَعْبَةُ هَذِهِ الْكِسْوَةَ قَالَ كَانَ يَتَصَدَّقُ بِهَا ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he asked Abdullah ibn Dinar what Abdullah ibn Umar used to do with the drapings of his animals when the Kaba began to be draped with the kiswa, and he said, "He gave them away as sadaqa
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।