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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 845

नंबर 845किताब 20, नंबर 141
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، أَنَّ أَبَاهُ، قَالَ إِذَا اضْطُرِرْتَ إِلَى بَدَنَتِكَ فَارْكَبْهَا رُكُوبًا غَيْرَ فَادِحٍ وَإِذَا اضْطُرِرْتَ إِلَى لَبَنِهَا فَاشْرَبْ بَعْدَ مَا يَرْوَى فَصِيلُهَا فَإِذَا نَحَرْتَهَا فَانْحَرْ فَصِيلَهَا مَعَهَا ‏.‏
ahya related to me from Malik from Hisham ibn Urwa that his father said, "If necessary, ride on your sacrificial animal, without burdening it, and if necessary, drink its milk after its young one has drunk its fill, and when you sacrifice it, sacrifice the young one with it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।