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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 834

नंबर 834किताब 20, नंबर 130
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، أَنَّ عَائِشَةَ أُمَّ الْمُؤْمِنِينَ، كَانَتْ تَصُومُ يَوْمَ عَرَفَةَ ‏.‏ قَالَ الْقَاسِمُ وَلَقَدْ رَأَيْتُهَا عَشِيَّةَ عَرَفَةَ يَدْفَعُ الإِمَامُ ثُمَّ تَقِفُ حَتَّى يَبْيَضَّ مَا بَيْنَهَا وَبَيْنَ النَّاسِ مِنَ الأَرْضِ ثُمَّ تَدْعُو بِشَرَابٍ فَتُفْطِرُ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Yahya ibn Said from al-Qasim ibn Muhammad that A'isha, umm al-muminin, used to fast on the day of Arafa . Al-Qasim said, "I saw her, when the imam began moving away (after sunset) on the afternoon of Arafa, stay where she was until the ground between her and the people became clear. Then she asked for something to drink and broke her fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।