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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 811

नंबर 811किताब 20, नंबर 107
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ رَأَى عَبْدَ اللَّهِ بْنَ الزُّبَيْرِ أَحْرَمَ بِعُمْرَةٍ مِنَ التَّنْعِيمِ - قَالَ - ثُمَّ رَأَيْتُهُ يَسْعَى حَوْلَ الْبَيْتِ الأَشْوَاطَ الثَّلاَثَةَ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Hisham ibn Urwa from his father that he saw Abdullah ibn az-Zubayr go into ihram for umra at at-Tanim. He said, "Then I saw him hasten around the House for three circuits
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।