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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 792

नंबर 792किताब 20, नंबर 88
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ الْحَارِثِ التَّيْمِيِّ، عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْهُدَيْرِ، أَنَّهُ رَأَى عُمَرَ بْنَ الْخَطَّابِ يُقَرِّدُ بَعِيرًا لَهُ فِي طِينٍ بِالسُّقْيَا وَهُوَ مُحْرِمٌ ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَأَنَا أَكْرَهُهُ ‏.‏
Yahya related to me from Yahya ibn Said from Muhammad ibn Ibrahim ibn alHarith at-Taymi from Rabia ibn Abi Abdullah ibn alHudayr that he saw Umar ibn al-Khattab taking the ticks off a camel of his at as- Suqya while he was in ihram . Malik said that he disapproved of that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।