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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 751

नंबर 751किताब 20, नंबर 47
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، أَنَّ عُمَرَ بْنَ عَبْدِ الْعَزِيزِ، غَدَا يَوْمَ عَرَفَةَ مِنْ مِنًى فَسَمِعَ التَّكْبِيرَ عَالِيًا فَبَعَثَ الْحَرَسَ يَصِيحُونَ فِي النَّاسِ أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّهَا التَّلْبِيَةُ ‏.‏
Yahya related to me from Malik, from Yahya ibn Said, that Umar ibn Abd alAziz was once going from Mina (to Arafa) on the day of Arafa and heard the takbir being said loudly, so he sent the guard to shout out to the people, "O people, you should be saying the talbiya
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।