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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 738

नंबर 738किताब 20, नंबर 34
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ عَبْدَ الْمَلِكِ بْنَ مَرْوَانَ، أَهَلَّ مِنْ عِنْدِ مَسْجِدِ ذِي الْحُلَيْفَةِ حِينَ اسْتَوَتْ بِهِ رَاحِلَتُهُ وَأَنَّ أَبَانَ بْنَ عُثْمَانَ أَشَارَ عَلَيْهِ بِذَلِكَ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that Abd al- Malik ibn Marwan had started to do talbiya at the mosque of Dhu'l-Hulayfa, after the animal he was riding on had stood up, and that Aban ibn Uthman had told him to do this
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।