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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 722

नंबर 722किताब 20, नंबर 18
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ فَاطِمَةَ بِنْتِ الْمُنْذِرِ، أَنَّهَا قَالَتْ كُنَّا نُخَمِّرُ وُجُوهَنَا وَنَحْنُ مُحْرِمَاتٌ وَنَحْنُ مَعَ أَسْمَاءَ بِنْتِ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Hisham ibn Urwa that Fatima bint al-Mundhir said, "We used to veil our faces when we were in ihram in the company of Asma bint Abi Bakr as-Siddiq." 20.7 Wearing Perfume during Hajj
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।