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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 717

नंबर 717किताब 20, नंबर 13
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، أَنَّهُ سَمِعَ سَعِيدَ بْنَ الْمُسَيَّبِ، يَقُولُ فِي الْمِنْطَقَةِ يَلْبَسُهَا الْمُحْرِمُ تَحْتَ ثِيَابِهِ أَنَّهُ لاَ بَأْسَ بِذَلِكَ إِذَا جَعَلَ طَرَفَيْهَا جَمِيعًا سُيُورًا يَعْقِدُ بَعْضَهَا إِلَى بَعْضٍ ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَهَذَا أَحَبُّ مَا سَمِعْتُ إِلَىَّ فِي ذَلِكَ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Yahya ibn Sa'id that he heard Said ibn al Musayyab say, about the girdle worn by some one in ihram under his clothes, "There is no harm in it if he ties the ends together as a belt." Malik said, "This is what I like most out of what I have heard about the matter
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।