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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 93

नंबर 93किताब 2, नंबर 62
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّهُ قَالَ رَأَيْتُ أَبِي عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ يَغْتَسِلُ ثُمَّ يَتَوَضَّأُ فَقُلْتُ لَهُ يَا أَبَتِ أَمَا يَجْزِيكَ الْغُسْلُ مِنَ الْوُضُوءِ قَالَ بَلَى وَلَكِنِّي أَحْيَانًا أَمَسُّ ذَكَرِي فَأَتَوَضَّأُ ‏.‏
Yahya related from Malik from Ibn Shihab that Salim ibn Abdullah said, "I saw my father Abdullah ibn Umar, do ghusl and then do wudu. I said to him, 'Father, isn't ghusl enough for you?' He said, 'Of course, but sometimes I touch my penis, so I do wudu
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Purity

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।