सीधे कंटेंट पर जाएँ
मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 50

नंबर 50किताब 2, नंबर 19
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، وَعَنْ صَفْوَانَ بْنِ سُلَيْمٍ، أَنَّهُمَا أَخْبَرَاهُ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ الْحَارِثِ التَّيْمِيِّ، عَنْ رَبِيعَةَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْهُدَيْرِ، أَنَّهُ تَعَشَّى مَعَ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ ثُمَّ صَلَّى وَلَمْ يَتَوَضَّأْ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that both Muhammad ibn al-Munkadir and Safwan ibn Sulaym transmitted to him from Muhammad ibn Ibrahim ibn al-Harith at-Taymi from Rabia ibn Abdullah ibn al-Hudayr that he had eaten an evening meal with Umar ibn al-Khattab who then prayed without doing wudu
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Purity

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।