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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 47

नंबर 47किताब 2, नंबर 16
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، حَنَّطَ ابْنًا لِسَعِيدِ بْنِ زَيْدٍ وَحَمَلَهُ ثُمَّ دَخَلَ الْمَسْجِدَ فَصَلَّى وَلَمْ يَتَوَضَّأْ ‏.‏ قَالَ يَحْيَى وَسُئِلَ مَالِكٌ هَلْ فِي الْقَىْءِ وُضُوءٌ قَالَ لاَ وَلَكِنْ لِيَتَمَضْمَضْ مِنْ ذَلِكَ وَلْيَغْسِلْ فَاهُ وَلَيْسَ عَلَيْهِ وُضُوءٌ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Nafi that Abdullah ibn Umar prepared the body of one of Said ibn Zayd's sons for burial and carried it and then entered the mosque and prayed without doing wudu. Yahya said that Malik was asked whether it was necessary to do wudu because of regurgitating undigested food and he said, "No, wudu is not necessary, but the mouth should be rinsed
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Purity

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।