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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 145

नंबर 145किताब 2, नंबर 114
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّهُ قَالَ لَوْلاَ أَنْ يَشُقَّ، عَلَى أُمَّتِهِ لأَمَرَهُمْ بِالسِّوَاكِ مَعَ كُلِّ وُضُوءٍ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Ibn Shihab from Humayd ibn Abdar-Rahman ibn Awf that Abu Hurayra said, "Were it not that he would be overburdening his community he (the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace,) would have ordered them to use a tooth-stick with each wudu
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Purity

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।