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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 127

नंबर 127किताब 2, नंबर 96
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ سَالِمَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، وَسُلَيْمَانَ بْنَ يَسَارٍ، سُئِلاَ عَنِ الْحَائِضِ، هَلْ يُصِيبُهَا زَوْجُهَا إِذَا رَأَتِ الطُّهْرَ قَبْلَ أَنْ تَغْتَسِلَ فَقَالاَ لاَ حَتَّى تَغْتَسِلَ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that Salim ibn Abdullah and Sulayman ibn Yasar were asked whether the husband of a menstruating woman could have sexual intercourse with her when she saw that she was pure but before she had had a ghusl. They said, "No, not until she has had a ghusl
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu Sahih LighairihiSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Purity

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।