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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 685

नंबर 685किताब 18, नंबर 1
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّهُ سَمِعَ عَائِشَةَ، زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم تَقُولُ إِنْ كَانَ لَيَكُونُ عَلَىَّ الصِّيَامُ مِنْ رَمَضَانَ فَمَا أَسْتَطِيعُ أَصُومُهُ حَتَّى يَأْتِيَ شَعْبَانُ
Yahya related to me from Malik from Yahya ibn Said from Abu Salama ibn Abd ar-Rahman that he heard A'isha, the wife of the Prophet, may Allah bless him and grant him peace, say, "I used to have to make up days from Ramadan and not be able to do them until Shaban came
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।