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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 670

नंबर 670किताब 18, नंबर 41
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ إِيَّاكُمْ وَالْوِصَالَ إِيَّاكُمْ وَالْوِصَالَ ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا فَإِنَّكَ تُوَاصِلُ يَا رَسُولَ اللَّهِ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ إِنِّي لَسْتُ كَهَيْئَتِكُمْ إِنِّي أَبِيتُ يُطْعِمُنِي رَبِّي وَيَسْقِينِي ‏"‏ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Abu'z-Zinad from al-Araj from Abu Hurayra that the Messenger of Allah, may Allah bless him and grant him peace, said, "Beware of wisal. Beware of wisal." They said, "But you practise wisal, Messenger of Allah." He replied, "I am not the same as you. My Lord feeds me and gives me to drink
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।