सीधे कंटेंट पर जाएँ
मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 591

नंबर 591किताब 17, नंबर 14
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ عَائِشَةَ، زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم كَانَتْ تُعْطِي أَمْوَالَ الْيَتَامَى الَّذِينَ فِي حَجْرِهَا مَنْ يَتَّجِرُ لَهُمْ فِيهَا ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that A'isha, the wife of the Prophet, may Allah bless him and grant him peace, used to give the property of the orphans that were in her house to whoever would use it to trade with on their behalf
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।