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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 543

नंबर 543किताब 16, नंबर 24
حَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، أَنَّهُ بَلَغَهُ أَنَّ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ، وَعَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، وَأَبَا، هُرَيْرَةَ كَانُوا يُصَلُّونَ عَلَى الْجَنَائِزِ بِالْمَدِينَةِ الرِّجَالِ وَالنِّسَاءِ فَيَجْعَلُونَ الرِّجَالَ مِمَّا يَلِي الإِمَامَ وَالنِّسَاءَ مِمَّا يَلِي الْقِبْلَةَ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that he had heard that Uthman ibn Affan and Abdullah ibn Umar and Abu Hurayra used to pray over the dead, both men and women, in Madina. They would put the men nearer to the imam and the women nearer to the qibla
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · Burials

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।