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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 529

नंबर 529किताब 16, नंबर 10
وَحَدَّثَنِي يَحْيَى، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، قَالَ مَا رَأَيْتُ أَبِي قَطُّ فِي جَنَازَةٍ إِلاَّ أَمَامَهَا - قَالَ - ثُمَّ يَأْتِي الْبَقِيعَ فَيَجْلِسُ حَتَّى يَمُرُّوا عَلَيْهِ ‏.‏
Yahya related to me from Malik that Hisham ibn Urwa said, "I only ever saw my father in front of a funeral procession." He added, "Then he would come to al-Baqi and sit down until the procession passed him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · Burials

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।