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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 488

नंबर 488किताब 15, नंबर 19
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ، أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّ ‏{‏قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ‏}‏ تَعْدِلُ ثُلُثَ الْقُرْآنِ وَأَنَّ ‏{‏تَبَارَكَ الَّذِي بِيَدِهِ الْمُلْكُ‏}‏ تُجَادِلُ عَنْ صَاحِبِهَا ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Ibn Shihab that Humayd ibn Abd ar-Rahman ibn Awf had told him that Surat al-Ikhlas (Sura 112) was equal to a third of the Qur'an, and that Surat al-Mulk (Sura 67) pleaded for its owner
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Qur'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।