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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 434

नंबर 434किताब 10, नंबर 7
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، أَنَّهُ أَخْبَرَهُ أَنَّ النَّاسَ كَانُوا يُؤْمَرُونَ بِالأَكْلِ يَوْمَ الْفِطْرِ قَبْلَ الْغُدُوِّ ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَلاَ أَرَى ذَلِكَ عَلَى النَّاسِ فِي الأَضْحَى ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Ibn Shihab that Said al- Musayyab told him that people used to be told to eat on the day of Fitr before setting out. Malik said that he did not consider that people had to do that for Adha
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Maqtu SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Two 'Ids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।