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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 14

नंबर 14किताब 1, नंबर 14
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى الْمَازِنِيِّ، عَنِ ابْنِ أَبِي سَلِيطٍ، أَنَّ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ، صَلَّى الْجُمُعَةَ بِالْمَدِينَةِ وَصَلَّى الْعَصْرَ بِمَلَلٍ ‏.‏ قَالَ مَالِكٌ وَذَلِكَ لِلتَّهْجِيرِ وَسُرْعَةِ السَّيْرِ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Amr ibn Yahya ibn Yahya al- Mazini from Ibn Abi Salit that Uthman ibn Affan prayed jumua in Madina and asr in Malal (a place seventeen miles from Madina). Malik commented, "That was by praying jumua just past midday and then travelling fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf HasanSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Times of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।