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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 10

नंबर 10किताब 1, नंबर 10
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، عَنْ إِسْحَاقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّهُ قَالَ كُنَّا نُصَلِّي الْعَصْرَ ثُمَّ يَخْرُجُ الإِنْسَانُ إِلَى بَنِي عَمْرِو بْنِ عَوْفٍ فَيَجِدُهُمْ يُصَلُّونَ الْعَصْرَ ‏.‏
Yahya related to me from Malik from Ishaq ibn Abdullah ibn Abi Talha that Anas ibn Malik said, "We would pray asr and anyone who then went to the Bani Amr ibn Awf would find them praying asr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Times of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।