सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1991

नंबर 1991किताब 9, नंबर 147
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي بَكْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ هِشَامٍ، عَنْ أَبِيهِ ـ رضي الله عنه ـ أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ تَزَوَّجَ أُمَّ سَلَمَةَ فِي شَوَّالٍ وَجَمَعَهَا إِلَيْهِ فِي شَوَّالٍ ‏.‏
It was narrated from 'Abdul-Malik bin Harith bin Hisham, from his father, that:the Prophet married Umm Salamah in Shawwal, and consummated the marriage with her in Shawwal
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • MursalMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।