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सुनन इब्न माजा

नंबर 1966

नंबर 1966किताब 9, नंबर 122
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ رَجَاءٍ الْمَكِّيُّ، عَنْ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ نُبَيْهِ بْنِ وَهْبٍ، عَنْ أَبَانَ بْنِ عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الْمُحْرِمُ لاَ يَنْكِحُ وَلاَ يُنْكِحُ وَلاَ يَخْطُبُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Aban bin 'Uthman bin 'Affan' that his father said:"The Messenger of Allah said: 'The one in lhram should not get married, nor arrange a marriage for anyone else, nor Propose marriage
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।