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सुनन इब्न माजा

नंबर 1954

नंबर 1954किताब 9, नंबर 110
حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، وَمُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ عَبْدِ الْحَمِيدِ بْنِ جَعْفَرٍ، عَنْ يَزِيدَ بْنِ أَبِي حَبِيبٍ، عَنْ مَرْثَدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِنَّ أَحَقَّ الشَّرْطِ أَنْ يُوفَى بِهِ مَا اسْتَحْلَلْتُمْ بِهِ الْفُرُوجَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Uqbah bin 'Amir:that the Prophet said: “The conditions most deserving to be fulfilled are those by means of which the private parts become permissible for you.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।