सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1952

नंबर 1952किताब 9, नंबर 108
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدَّوْرَقِيُّ، حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ حُمَيْضَةَ بِنْتِ الشَّمَرْدَلِ، عَنْ قَيْسِ بْنِ الْحَارِثِ، قَالَ أَسْلَمْتُ وَعِنْدِي ثَمَانِ نِسْوَةٍ فَأَتَيْتُ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَقُلْتُ ذَلِكَ لَهُ فَقَالَ ‏ "‏ اخْتَرْ مِنْهُنَّ أَرْبَعًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Qais bin Harith said:“I became Muslim and I had eight wives. I went to the Prophet and told him about that. He said: 'Choose four of them.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।