حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ السَّلاَمِ بْنُ حَرْبٍ، عَنْ إِسْحَاقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي فَرْوَةَ، عَنْ أَبِي وَهْبٍ الْجَيْشَانِيِّ، عَنْ أَبِي خِرَاشٍ الرُّعَيْنِيِّ، عَنِ الدَّيْلَمِيِّ، قَالَ قَدِمْتُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَعِنْدِي أُخْتَانِ تَزَوَّجْتُهُمَا فِي الْجَاهِلِيَّةِ . فَقَالَ " إِذَا رَجَعْتَ فَطَلِّقْ إِحْدَاهُمَا " .
It was narrated that Dailami said:“I came to the Messenger of Allah, and I was married to two sisters whom I had married during the Ignorance period. He said: 'When you go back, divorce one of them.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
HasanAl-Albani
Hasan LighairihiMuhammad Fouad Abd al-Baqi
HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।