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सुनन इब्न माजा

नंबर 1927

नंबर 1927किताब 9, नंबर 83
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ إِسْحَاقَ الْهَمْدَانِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ كُنَّا نَعْزِلُ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَالْقُرْآنُ يَنْزِلُ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:'We used to practice coitus interruptus during the time of the Messenger of Allah when the Qur'an was being revealed.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।