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सुनन इब्न माजा

नंबर 1924

नंबर 1924किताब 9, नंबर 80
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، أَنْبَأَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ زِيَادٍ، عَنْ حَجَّاجِ بْنِ أَرْطَاةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ هَرَمِيٍّ، عَنْ خُزَيْمَةَ بْنِ ثَابِتٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏"‏ إِنَّ اللَّهَ لاَ يَسْتَحْيِي مِنَ الْحَقِّ ‏"‏ ‏.‏ ثَلاَثَ مَرَّاتٍ لاَ تَأْتُوا النِّسَاءَ فِي أَدْبَارِهِنَّ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Khuzaimah bin Thabit:That the Messenger of Allah (ﷺ) said: “Allah is not too shy to tell the truth,” three times. “Do not have intercourse with women in their buttocks.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।