सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1915

नंबर 1915किताब 9, नंबर 71
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبَادَةَ الْوَاسِطِيُّ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ حُسَيْنٍ أَبُو مَالِكٍ النَّخَعِيُّ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الْوَلِيمَةُ أَوَّلَ يَوْمٍ حَقٌّ وَالثَّانِي مَعْرُوفٌ وَالثَّالِثُ رِيَاءٌ وَسُمْعَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah:that the Messenger of Allah said: 'The wedding feast on the first day is an obligation, on the second day is a custom and on the third day is showing off.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sanad DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।