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सुनन इब्न माजा

नंबर 1910

नंबर 1910किताब 9, नंबर 66
حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ أَبُو خَيْثَمَةَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدِ بْنِ جُدْعَانَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ شَهِدْتُ لِلنَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَلِيمَةً مَا فِيهَا لَحْمٌ وَلاَ خُبْزٌ ‏.‏ قَالَ ابْنُ مَاجَهْ لَمْ يُحَدِّثْ بِهِ إِلاَّ ابْنُ عُيَيْنَةَ ‏.‏
It was narrated from Sufyan (Ibn 'Uyainah) from `Ali bin Zaid bin Ju`dan from Anas bin Malik who said:“I attended a wedding feast for the Prophet in which there was no meat and no bread.” Ibn Majah said: It was not narrated except by Ibn `Uyainah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।