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सुनन इब्न माजा

नंबर 1901

नंबर 1901किताब 9, नंबर 57
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا الْفِرْيَابِيُّ، عَنْ ثَعْلَبَةَ بْنِ أَبِي مَالِكٍ التَّمِيمِيِّ، عَنْ لَيْثٍ، عَنْ مُجَاهِدٍ، قَالَ كُنْتُ مَعَ ابْنِ عُمَرَ فَسَمِعَ صَوْتَ، طَبْلٍ فَأَدْخَلَ إِصْبَعَيْهِ فِي أُذُنَيْهِ ثُمَّ تَنَحَّى حَتَّى فَعَلَ ذَلِكَ ثَلاَثَ مَرَّاتٍ ‏.‏ ثُمَّ قَالَ هَكَذَا فَعَلَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏.‏
It was narrated that Mujahid said:“I was with Ibn Umar, and he heard the sound of a drum, so he put his fingers in his ears and turned away. He did that three times, then he said: “This is what I saw the Messenger of Allah do.' ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।