सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1890

नंबर 1890किताब 9, नंबर 46
حَدَّثَنَا أَبُو هِشَامٍ الرِّفَاعِيُّ، مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَمَانٍ، حَدَّثَنَا الأَغَرُّ الرَّقَاشِيُّ، عَنْ عَطِيَّةَ الْعَوْفِيِّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ تَزَوَّجَ عَائِشَةَ عَلَى مَتَاعِ بَيْتٍ قِيمَتُهُ خَمْسُونَ دِرْهَمًا ‏.‏
It was narrated from Abu Saeed Al-Khudri that:the Prophet (ﷺ) married Aishah with the household goods the value of which was fifty Dirham
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।