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सुनन इब्न माजा

नंबर 1883

नंबर 1883किताब 9, नंबर 39
حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَنِ الشِّغَارِ وَالشِّغَارُ أَنْ يَقُولَ الرَّجُلُ لِلرَّجُلِ زَوِّجْنِي ابْنَتَكَ أَوْ أُخْتَكَ عَلَى أَنْ أُزَوِّجَكَ ابْنَتِي أَوْ أُخْتِي ‏.‏ وَلَيْسَ بَيْنَهُمَا صَدَاقٌ ‏.‏
It was narrated that:Ibn Umar said: “The Messenger of Allah forbade Shighar. Shighar is when a man says to another man: 'Marry your daughter or sister to me, on condition that I will marry my daughter or sister to you,' and they do not give any dower (i.e. neither of them give other the dower).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।