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सुनन इब्न माजा

नंबर 1880

नंबर 1880किताब 9, नंबर 36
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ حَجَّاجٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَعَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، ‏.‏ قَالاَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏"‏ لاَ نِكَاحَ إِلاَّ بِوَلِيٍّ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي حَدِيثِ عَائِشَةَ ‏"‏ وَالسُّلْطَانُ وَلِيُّ مَنْ لاَ وَلِيَّ لَهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that:Aisha and Ibn Abbas said: “The Messenger of Allah said: 'There is no marriage except with a guardian.' ”According to the Hadith of Aishah: “And the ruler is the guardian of the one who does not have a guardian. ”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।