सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1855

नंबर 1855किताब 9, नंबर 11
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ زِيَادِ بْنِ أَنْعُمٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِنَّمَا الدُّنْيَا مَتَاعٌ وَلَيْسَ مِنْ مَتَاعِ الدُّنْيَا شَىْءٌ أَفْضَلَ مِنَ الْمَرْأَةِ الصَّالِحَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that from Abdullah bin Amr that :the Messenger of Allah said: “This world is but provisions, and there is no provision in this world better than a righteous wife.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Chapters on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।