حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ سَعْدِ بْنِ عَمَّارٍ الْمُؤَذِّنِ، حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ حَفْصٍ، عَنْ عَمَّارِ بْنِ سَعْدٍ، مُؤَذِّنِ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَمَرَ بِصَدَقَةِ الْفِطْرِ صَاعًا مِنْ تَمْرٍ أَوْ صَاعًا مِنْ شَعِيرٍ أَوْ صَاعًا مِنْ سُلْتٍ .
It was narrated from Ammar bin Sa'eed, the Mu'adhdhin of the Messenger of Allah from his father,:that the Messenger of Allah enjoined Sadaqatul-Fitr, one Sa of dates, one Sa of barley, or one Sa of Sult (a kind of barley without skin on it, resembling wheat)
स्रोत में दर्ज दर्जे
DaifAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Very DaifShuaib Al Arnaut
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।