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सुनन इब्न माजा

नंबर 1826

नंबर 1826किताब 8, नंबर 44
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عَمْرٍو، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ فَرَضَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ صَدَقَةَ الْفِطْرِ صَاعًا مِنْ شَعِيرٍ أَوْ صَاعًا مِنْ تَمْرٍ عَلَى كُلِّ حُرٍّ أَوْ عَبْدٍ ذَكَرٍ أَوْ أُنْثَى مِنَ الْمُسْلِمِينَ ‏.‏
It was narrated that:Umar said: “The Messenger of Allah enjoined Sadaqatul-Fitr, one Sa, of barley or one Sa of dates for every Muslim, free or slave, male or female.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Chapters Regarding Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।