सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1823

नंबर 1823किताब 8, नंबर 41
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَعَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ مُوسَى، عَنْ أَبِي سَيَّارَةَ الْمُتَعِيِّ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ لِي نَحْلاً ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ أَدِّ الْعُشْرَ ‏"‏ ‏.‏ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ احْمِهَا لِي ‏.‏ فَحَمَاهَا لِي ‏.‏
It was narrated that:Abu Sayyarah Al-Muta said: “I said: 'O Messenger of Allah! I have bees.' He said: 'Give one-tenth.' I said: 'O Messenger of Allah!' Protect it for me.' And he protected it for me.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Chapters Regarding Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।