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सुनन इब्न माजा

नंबर 1819

नंबर 1819किताब 8, नंबर 37
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدِّمَشْقِيُّ، وَالزُّبَيْرُ بْنُ بَكَّارٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ نَافِعٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ صَالِحٍ التَّمَّارُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ عَتَّابِ بْنِ أَسِيدٍ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يَبْعَثُ عَلَى النَّاسِ مَنْ يَخْرُصُ عَلَيْهِمْ كُرُومَهُمْ وَثِمَارَهُمْ ‏.‏
Attab bin Asid narrated that:the Prophet used to send to the people one who would assess their vineyards and fruits
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Chapters Regarding Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।