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सुनन इब्न माजा

नंबर 1806

नंबर 1806किताब 8, नंबर 24
حَدَّثَنَا أَبُو بَدْرٍ، عَبَّادُ بْنُ الْوَلِيدِ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْفَضْلِ، حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ تُؤْخَذُ صَدَقَاتُ الْمُسْلِمِينَ عَلَى مِيَاهِهِمْ ‏"‏ ‏.‏
Ibn Umar narrated that:the Messenger of Allah said: “The Sadaqah of Muslims should be taken at their watering places.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Chapters Regarding Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।