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सुनन इब्न माजा

नंबर 1803

नंबर 1803किताब 8, नंबर 21
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ عِيسَى الرَّمْلِيُّ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ شَقِيقٍ، عَنْ مَسْرُوقٍ، عَنْ مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ، قَالَ بَعَثَنِي رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ إِلَى الْيَمَنِ وَأَمَرَنِي أَنْ آخُذَ مِنَ الْبَقَرِ مِنْ كُلِّ أَرْبَعِينَ مُسِنَّةً وَمِنْ كُلِّ ثَلاَثِينَ تَبِيعًا أَوْ تَبِيعَةً ‏.‏
It was narrated that:Suwa Mu'adh bin Jabal said: “The Messenger of Allah(ﷺ) send me to Yemen and commanded me; for every forty cows, to take a Musinnah and for every thirty, a Tabi or Tabi'ah.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Chapters Regarding Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।