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सुनन इब्न माजा

नंबर 1793

नंबर 1793किताब 8, नंबर 11
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، حَدَّثَنِي الْوَلِيدُ بْنُ كَثِيرٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي صَعْصَعَةَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ عُمَارَةَ، وَعَبَّادِ بْنِ تَمِيمٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ لاَ صَدَقَةَ فِيمَا دُونَ خَمْسَةِ أَوْسَاقٍ مِنَ التَّمْرِ وَلاَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ أَوَاقٍ وَلاَ فِيمَا دُونَ خَمْسٍ مِنَ الإِبِلِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Sa'eed Al-Khudri narrated that :he heard the Prophet say: ”There is no sadaqah on anything less than five Awsaq of dates, five Awaq of silver and five camels.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Chapters Regarding Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।