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सुनन इब्न माजा

नंबर 1777

नंबर 1777किताब 7, नंबर 140
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنْصُورٍ أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا الْهَيَّاجُ الْخُرَاسَانِيُّ، حَدَّثَنَا عَنْبَسَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ عَبْدِ الْخَالِقِ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الْمُعْتَكِفُ يَتْبَعُ الْجِنَازَةَ وَيَعُودُ الْمَرِيضَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:“The Messenger of Allah (ﷺ) said: ‘The person observing I’tikaf may attend funerals and visit the sick.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MawduAl-Albani
  • MawduMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।