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सुनन इब्न माजा

नंबर 1772

नंबर 1772किताब 7, नंबर 135
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مُوسَى الْخَطْمِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنْ عُمَرَ، أَنَّهُ كَانَ عَلَيْهِ نَذْرُ لَيْلَةٍ فِي الْجَاهِلِيَّةِ يَعْتَكِفُهَا فَسَأَلَ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَأَمَرَهُ أَنْ يَعْتَكِفَ ‏.‏
It was narrated from ‘Umar that he had vowed during the days of Ignorance to spend one night in I’tikaf. He asked the Prophet (ﷺ) about it, so he commanded him to spend it in I’tikaf
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।